काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (JNIA) की शुरुआत जल्द ही होने वाली है, इसी 25 फरवरी को हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इसकी नींव रखने जा रहे हैं, नतीजतन कई बिजनेसेस ने अपना इन्वेस्टमेंट इंटरेस्ट अब नोएडा व ग्रेटर नोएडा में और भी ज्यादा दिखाना शुरू कर दिया है. इंडियन सेंटर ऑफ एविएशन का कहना है कि JNIA अगले 3 साल में पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा. इस एयरपोर्ट का उद्देश्य इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर ट्रैफिक का भार कम करना है.

अगर हम ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बात पे जाए तो Mr. आदित्य, प्रेसिडेंट ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का कहना है कि अभी तक 20 मल्टीनेशनल कंपनीज ने यह न्यूज़ आने के बाद से ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल सेक्टर में इन्वेस्टमेंट के लिए काफी दिलचस्पी दिखाई है. विपिन मल्हन जो कि प्रेसिडेंट है नोएडा एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के, उनका कहना है कि नोएडा हमेशा से ही खास रहा है चाइना जापान और कोरिया की कंपनियों के लिए, तो अगर ऐसे में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट आता है ऐसी कंपनियों को आसपास इन्वेस्टमेंट के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन मिल जाएगा जिससे कई जॉब ऑप्शंस भी क्रिएट होंगे.

चूंकि दिल्ली पहले ही बहुत ज्यादा ओवर क्राउडेड है नोएडा व ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एवं डेवलपमेंट के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. तब जब सरकार मेट्रो को एयरपोर्ट से जोड़ने की वह आगरा तक ले जाने की सोच रही है, अब यह कहना मुश्किल नहीं होगा कि आने वाले समय में ग्रेटर नोएडा से जेवर के 100 किलोमीटर के दायरे के अंतर्गत इंफ्रास्ट्रक्चर एवं डेवलपमेंट में बहुत बड़े बड़े बदलाव आने वाले हैं.

चलिए जानते हैं जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कुछ रोचक तथ्य

  • यह भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने वाला है.
  • इस प्रोजेक्ट को बनाने में कुल कीमत आएगी 22066 करोड़.
  • एयरपोर्ट लगभग 2200 एकड़ में फैला होगा.
  • यह एक ग्रीन प्रोजेक्ट है और खाली जमीन पर बनने के कारण काफी कम समय में तैयार हो जाएगा.
  • 5 करोड़ यात्री सालाना इस एयरपोर्ट से उड़ान भर सकेंगे.
  • इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (PPP) के तहत बनाया जाएगा.

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